1. डेटाबेस क्या है? इसके प्रकार और DBMS के उपयोग के लाभ समझाइए।
डेटाबेस (Database) क्या है?
डेटाबेस एक संगठित (Organized) डेटा संग्रह है जिसमें डेटा को एक संरचित तरीके से संग्रहीत (Store), अपडेट और प्रबंधित किया जाता है।
डेटाबेस से जरूरत के अनुसार डेटा को जल्दी प्राप्त किया जा सकता है।
उदाहरण:
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बैंक में ग्राहक रिकॉर्ड
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स्कूल में विद्यार्थियों का डेटा
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अस्पताल में रोगियों का रिकॉर्ड
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ई-कॉमर्स वेबसाइट में प्रोडक्ट लिस्ट
डेटाबेस के प्रकार (Types of Database)
1. Relational Database (RDBMS)
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Data tables (rows + columns) में store होता है
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SQL language उपयोग होती है
उदाहरण: MySQL, SQL Server, Oracle
2. NoSQL Database
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Unstructured / Semi-structured data के लिए
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Fast और scalable
उदाहरण: MongoDB, Cassandra
3. Hierarchical Database
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Tree structure
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Parent-child relationship
उदाहरण: IBM IMS
4. Network Database
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Graph structure
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One child → multiple parents
5. Object-Oriented Database
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Objects के रूप में डेटा store
उदाहरण: db4o, ObjectDB
DBMS के लाभ (Advantages of DBMS)
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Data Security – unauthorized access रोकता है
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Data Consistency – duplicate data नहीं रहता
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Data Sharing – एक ही database को कई users उपयोग कर सकते हैं
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Backup & Recovery – डेटा loss नहीं होता
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Reduced Redundancy – डेटा दुहराव कम
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Data Integrity – डेटा की शुद्धता बनी रहती है
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Centralized Control – पूरा डेटा एक जगह नियंत्रित होता है
2. डेटाबेस मॉडल के विभिन्न प्रकार समझाइए। ये एक-दूसरे से कैसे भिन्न हैं?
Database Model डेटा को प्रस्तुत करने का तरीका है।
मुख्य Database Models:
1. Hierarchical Model
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Tree structure (root → child)
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एक parent के कई child
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Fast लेकिन flexible नहीं
2. Network Model
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Graph-based structure
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Child के multiple parents हो सकते हैं
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जटिल लेकिन powerful
3. Relational Model
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Tables (rows + columns)
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SQL उपयोग
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सबसे लोकप्रिय model
4. Object-Oriented Model
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Data objects के रूप में store
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Class + Object concept उपयोग
5. Document / NoSQL Model
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Documents (JSON, XML) में store
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बड़ी websites में उपयोग (Facebook, Amazon)
कैसे भिन्न हैं?
| Model | Structure | Flexibility | Use Case |
|---|---|---|---|
| Hierarchical | Tree | कम | पुराने बैंक सिस्टम |
| Network | Graph | अधिक | complex relations |
| Relational | Tables | moderate | traditional applications |
| Object | Objects | High | real-world modelling |
| NoSQL | Document | Very High | big-data applications |
3. डेटाबेस आर्किटेक्चर के तीन स्तर — भौतिक, तार्किक, दृश्य — समझाइए।
1. Physical Level (भौतिक स्तर)
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डेटा वास्तव में कैसे store होता है
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Disk storage, blocks, indexes
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Database administrator संभालता है
2. Logical Level (तार्किक स्तर)
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Data structure (tables), relationships, constraints
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Developers इस level पर काम करते हैं
3. View Level (दृश्य स्तर)
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Users को डेटा का केवल वही हिस्सा दिखता है जो आवश्यक है
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Security और simplicity बढ़ाता है
4. रिलेशनल डेटा मॉडल क्या है? तालिका, ट्यूपल, गुण, प्राथमिक/विदेशी कुंजी, constraints समझाइए।
Relational Data Model में डेटा tables के रूप में संग्रहीत होता है।
Table (तालिका)
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Rows और Columns से मिलकर बनती है
उदाहरण: Student Table
Tuple (Row / Record)
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एक row को tuple कहते हैं
उदाहरण: एक छात्र का रिकॉर्ड
Attribute (Column / Field)
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Table का column
उदाहरण: Name, Roll_no
Primary Key
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Unique key
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Duplicate नहीं
उदाहरण: Roll number
Foreign Key
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एक table की key जो दूसरी table को reference करती है
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Tables के बीच संबंध स्थापित
Constraints
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Data की integrity बनाए रखते हैं
Types: -
NOT NULL
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UNIQUE
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PRIMARY KEY
-
FOREIGN KEY
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CHECK
-
DEFAULT
5. ERD क्या है? डेटाबेस डिज़ाइन में इसका उपयोग कैसे होता है?
ERD (Entity Relationship Diagram)
ERD database design का blueprint है जिसमें entities, attributes और relationships को diagram के रूप में दर्शाया जाता है।
ERD के उपयोग:
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Database की संरचना को clearly समझना
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Developers, analysts के बीच communication
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Tables और keys तय करने में मदद
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Logical design तैयार करना
6. नॉर्मलाइजेशन क्या है? 1NF, 2NF, 3NF समझाइए।
Normalization एक प्रक्रिया है जिसमें डेटा redundancy (दोहराव) कम किया जाता है और data logically व्यवस्थित किया जाता है।
1NF (First Normal Form)
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Repeating groups नहीं होने चाहिए
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हर cell में atomic value
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प्रत्येक column एक ही प्रकार के data का होना चाहिए
उदाहरण: एक कॉलम में multiple phone numbers नहीं होने चाहिए।
2NF (Second Normal Form)
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Table पहले 1NF में हो
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Partial dependency नहीं होनी चाहिए
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Composite key होने पर कोई non-key attribute उसका हिस्सा निर्भर नहीं
3NF (Third Normal Form)
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Table 2NF में हो
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Transitive dependency नहीं होनी चाहिए
अर्थात एक non-key attribute किसी दूसरे non-key attribute पर निर्भर नहीं।
7. डी-नॉर्मलाइजेशन और उसकी भूमिका बताइए।
De-normalization का अर्थ है performance बढ़ाने के लिए कुछ redundant data वापस जोड़ना।
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वेब एप्लिकेशन में तेजी से पढ़ने (read) के लिए उपयोग
-
Reports generation में उपयोग
उदाहरण: join operations कम करने के लिए डेटा को duplicate store करना।
8. INSERT, SELECT, WHERE का उपयोग समझाइए।
INSERT
Table में नया data जोड़ना
SELECT
Data प्राप्त करना
WHERE
Data को filter करना
9. SQL में JOIN के प्रकार (Inner, Right, Full Outer) समझाइए।
1. INNER JOIN
दोनों tables में matching records
2. RIGHT JOIN
Right table के सभी records + matching left records
3. FULL OUTER JOIN
दोनों tables के सभी records, match हों या न हों
10. डेटाबेस प्रशासन क्या है? बैकअप, रिकवरी, परफ़ॉर्मेंस ट्यूनिंग और सुरक्षा समझाइए।
Database Administration (DBA) database को manage, secure और maintain करने की प्रक्रिया है।
1. Backup
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Database की copy लेना
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Accident, failure, hacking से data सुरक्षित
2. Recovery
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Crash के बाद backup से data restore करना
3. Performance Tuning
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Queries optimize करना
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Indexing
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Slow processes सुधारना
4. Security
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Unauthorized access रोकना
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User roles, privileges
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Encryption & authentication
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