1. इंटरनेट का विकास समझाइए। (Explain evolution of Internet)
इंटरनेट का विकास कई चरणों में हुआ है:
(1) ARPANET (1969) – इंटरनेट की शुरुआत
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अमेरिका के रक्षा विभाग ने ARPANET बनाया।
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इसका उद्देश्य था कि किसी भी हमले की स्थिति में कंप्यूटर नेटवर्क बंद न हों।
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इसमें पैकेट स्विचिंग तकनीक का उपयोग किया गया।
(2) TCP/IP प्रोटोकॉल का विकास (1970s – 1980s)
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1970 में Vinton Cerf और Robert Kahn ने TCP/IP प्रोटोकॉल विकसित किया।
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1 जनवरी 1983 को ARPANET ने TCP/IP अपनाया—इसे इंटरनेट का जन्मदिवस माना जाता है।
(3) NSFNET (1986)
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अमेरिका के National Science Foundation ने NSFNET बनाया।
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यह विश्वविद्यालयों को जोड़ने वाला प्रमुख नेटवर्क बना।
(4) World Wide Web (1991)
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Tim Berners-Lee ने WWW, HTML, HTTP और पहला वेब ब्राउज़र बनाया।
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इससे वेबसाइट, हाइपरलिंक और वेब पेज अस्तित्व में आए।
(5) Commercial Internet (1995 – 2000)
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इंटरनेट को व्यावसायिक उपयोग के लिए खोला गया।
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ई-कॉमर्स, ई-मेल, पोर्टल्स, सर्च इंजन विकसित हुए।
(6) Broadband & Mobile Internet (2000 – 2010)
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हाई-स्पीड इंटरनेट आया।
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3G, 4G ने इंटरनेट उपयोग में क्रांति ला दी।
(7) Modern Internet (2010 – Present)
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5G, क्लाउड कंप्यूटिंग, IoT, AI, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग आदि का युग शुरू हुआ।
2. इंटरनेट और इंट्रानेट में अंतर बताइए। (Differentiate Internet and Intranet)
| आधार | इंटरनेट | इंट्रानेट |
|---|---|---|
| परिभाषा | वैश्विक नेटवर्क | संगठन का निजी नेटवर्क |
| पहुँच | सभी लोगों के लिए | केवल कर्मचारियों के लिए |
| सुरक्षा | कम सुरक्षित | अधिक सुरक्षित |
| उपयोग | वेब ब्राउजिंग, ईमेल, सोशल मीडिया | कंपनी की जानकारी साझा करना |
| उदाहरण | Google, Facebook | बैंक का आंतरिक नेटवर्क |
3. URL और डोमेन नाम समझाइए। (What are URLs and domain names?)
URL (Uniform Resource Locator)
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इंटरनेट पर किसी भी वेब पेज का पूरा पता।
उदाहरण:
https://www.google.com/search
URL के भाग:
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Protocol – https
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Domain Name – google.com
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Path – /search
Domain Name
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किसी वेबसाइट का नाम जिससे IP Address को आसानी से पहचाना जाए।
उदाहरण:
google.com, facebook.com
डोमेन के प्रकार
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TLD: .com, .org, .net
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Country domain: .in, .uk, .us
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Educational domain: .edu
4. ब्राउज़र और सर्च इंजन कैसे काम करते हैं? (Working of browsers and search engines)
Browser Working
ब्राउज़र (Chrome, Firefox, Edge) वेब पेज दिखाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
क्रम:
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उपयोगकर्ता URL दर्ज करता है।
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ब्राउज़र DNS से IP Address खोजता है।
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सर्वर को HTTP/HTTPS request भेजी जाती है।
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सर्वर HTML, CSS, JS भेजता है।
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ब्राउज़र rendering engine से पेज को दिखाता है।
Search Engine Working (Google, Bing)
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Crawling – वेब पेजों को खोजता है।
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Indexing – डेटा को डेटाबेस में संग्रहीत करता है।
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Ranking – उपयोगकर्ता के प्रश्न के अनुसार परिणाम दिखाता है।
5. HTML दस्तावेज़ की संरचना समझाइए। (Explain structure of HTML document)
एक HTML दस्तावेज़ मुख्यतः निम्न भागों से बना होता है:
मुख्य घटक
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<!DOCTYPE html> – HTML5 का संकेत।
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<html> – पूरा वेब पेज।
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<head> – मेटाडेटा, CSS, title आदि।
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<title> – ब्राउज़र टैब में नाम।
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<body> – दृश्य सामग्री (text, image, link)।
6. जावास्क्रिप्ट क्या है? सिंटैक्स और इवेंट्स समझाइए। (What is JavaScript? Explain syntax and events)
JavaScript
JavaScript एक क्लाइंट-साइड scripting language है।
यह वेब पेज को इंटरएक्टिव बनाता है (buttons, validation, animation).
Syntax
Events
किसी क्रिया पर JavaScript का चलना।
| Event | Meaning |
|---|---|
| onclick | बटन क्लिक |
| onmouseover | माउस लाना |
| onkeyup | कीबोर्ड प्रेस |
| onload | पेज लोड होना |
उदाहरण:
7. ई-कॉमर्स के लाभ और हानि बताइए। (Advantages & disadvantages of e-commerce)
Advantages
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24×7 उपलब्धता
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विश्वभर में ग्राहक पहुँच
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कम लागत
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तेज़ लेन-देन
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कैशलेस पेमेंट
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उत्पादों की तुलना आसान
Disadvantages
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सुरक्षा खतरे
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धोखाधड़ी की संभावना
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उत्पाद को छूकर नहीं देख सकते
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इंटरनेट पर निर्भरता
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डिलीवरी में समय लगना
8. इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियाँ समझाइए। (Types of electronic payment systems)
1. Credit/Debit Card
ऑनलाइन खरीदारी में उपयोग।
2. Net Banking
बैंक खाते से ऑनलाइन भुगतान।
3. Mobile Wallets
Paytm, Google Pay, PhonePe।
4. UPI (Unified Payment Interface)
तेज और आसान पेमेंट।
5. NEFT/RTGS/IMPS
बैंक ट्रांसफर के विभिन्न प्रकार।
6. Digital Cash / Cryptocurrency
Bitcoin आदि।
9. ई-गवर्नेंस क्या है? (Explain concept of E-Governance)
E-Governance का अर्थ है—सरकारी सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, इंटरनेट, मोबाइल या कंप्यूटर के द्वारा प्रदान करना।
मुख्य उद्देश्य
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पारदर्शिता बढ़ाना
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तेज़ सेवा प्रदान करना
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करप्शन कम करना
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नागरिक और सरकार का जुड़ाव बढ़ाना
उदाहरण
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ऑनलाइन आधार सेवाएँ
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डिजिटल इंडिया पोर्टल
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ई-टैक्स भुगतान
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ऑनलाइन जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र
10. पोर्टल की भूमिका समझाइए। (Describe role of portals)
Portal एक ऐसी वेबसाइट होती है जो विभिन्न प्रकार की जानकारी, सेवाएँ और संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराती है।
भूमिका
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जानकारी का केंद्रीकृत स्रोत
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विभिन्न सेवाएँ एक प्लेटफ़ॉर्म पर
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ई-गवर्नेंस पोर्टल—सरकारी सेवाएँ
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ई-कॉमर्स पोर्टल—ऑनलाइन खरीदारी
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एजुकेशनल पोर्टल—नोट्स, रिजल्ट, एडमिशन
उदाहरण
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India.gov.in
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Amazon
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IRCTC
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Diksha Portal
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